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राम राज्य
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कन्चू की दिनचर्या
ISBN: 81-7220-092-7

कन्चू की दिनचर्या 

 

हुआ सवेरा

चहकी चिड़िया

आँख खुली

और उठ गई कन्चू |

खुश है तो बोली,

- "गुड मार्निग पापा !"

- "गुड मार्निग मम्मा !"

मूड खराब

तो चुटकी काटी

मम्मा को जगाया

- "दूध ले के आओ

बड़ी-बड़ी बोतल में,

नहीं-नहीं

छतरी वाले कप में,

जल्दी से लाओ

भूख लगी है

गोदी में लेकर मुझे पिलाओ!" 

 

बाहर निकली

देखी टहनी,

तोता है बैठा

- मिट्ठू-मिट्ठू करता

- "गंगाराम-गंगाराम

मेरे पास आओ!" 

 

कबूतर हैं बैठे

कन्चू के साथी

प्यार से बोले

- "गूटर-गूँ, गूटर-गूँ!

- हँस दी कन्चू,

ताली बजाई

बाहर से भागकर

भीतर आई

- पापा को देखा

- "छोड़ो सब कुछ

गोदी में ले लो!" 

 

"पापा नहलाएँगे

पापा सजाएँगे,

स्कूल में जाना

नीचे ले जाएँगे,

टैक्सी में बिठाकर

"टा-टा" करेंगे

- किस्सी भी देंगे!"

 

"पापा घर में रहना

ऑफिस न जाना

कहीं न जाना

मैं अभी आऊँगी,

स्कूल से आऊँगी,

बाहर ले के जाना

टॉफी ले के देना!"

- ढेर-से वादे

- ढेर-सी बातें

कन्चू का स्कूल

कन्चू की करामातें! 

 

स्कूल में जाकर

गाना गाया,

ड्राईंग की और ऊधम मचाया!

- "कन्चन आँटी ने डाँटा

सुब्बू आँटी ने प्यार किया

- प्यारी बच्ची कन्चू

- मीठी-सी कन्चू

- अच्छी बच्ची कन्चू!

- ये भी कहा और

- वो भी कहा!"

- घर जब लौटी मम्मा को बताया| 

 

पापा को ढूंढा

पापा नहीं हैं

- कहाँ गए हैं?"

- "ऑफिस गए हैं?"

- खुद से पूछा

- खुछ ही बोला

- "शाम को आएँगे

खूब घुमाएँगे,"

-अभी भैय्या आएगा

भैय्या संग खेलूँगी,

भैय्या जो करेगा

वही मैं करूंगी

-भैय्या खाना खाएगा

मैं भी खाऊँगी,

भैय्या पढा़ई करेगा,

मैं ड्राईंग करूगी

- ऊधम मचाऊँगी

हल्ला मचाऊँगी

- मम्मा का सैंडिल पहनकर

खूब डाँस करुँगी! 

 

मास्टर जी जब आएँगे

तबला बजाएँगे,

तब मैं रोऊँगी

डाँस नहीं करुँगी

- अब मैं सोऊँगी

अब मैं सोऊँगी! 

 

कैसी है क्न्चू,

अपनी मस्ती

अपनी कहानी,

अपना है गाना

- "ये अख्खा इंडिया

जानता है

हम तुम पे मरता है!" 

 

शाम हुई है  

घूमने है जाना,

मेरी है गाड़ी

- गाड़ी में जाना|

मम्मा चलाएगी,

कन्चू साथ बैठेगी,

भैय्या साथ बैठेगा

- मेरे साथ बैठेगा

शोर नहीं करुँगी

बातें नही करुँगी,

बस केवल पूछूँगी,

अच्छी बात पूछूँगी

- ये क्या है?

- वो क्या है?

- मम्मा तुम न बोलो,

भैय्या बताएगा!

- मैं जोर से हसूँगी

ताली बजाऊँगी!

आ गए पापा

-प्यारे-प्यारे पापा!

पापा को किस्सी दी 

पापा की किस्सी ली

बस, अब गोदी 

 

"गोदी-गोदी"|

- ढेर-सा पुलिंदा

मम्मा की शिकायतें

भैय्या की हरकतें,

अपना होमवर्क

आड़ी तिरछी रेखाएँ,

और बस, कुछ नही -  

बस, केवल गोदी,

गोदी संग नाईटी,

अपना ही तकिया,

ओढ़ो-ओढ़ो

पूरी-पूरी ओढ़ो!

 

सोना है मुझको -

टी.वी. लगाओ,

"जिन्दा-पोट" (लोट पोट) लगाओ,

 

"बारिश" लगाओ

"म्याँउ-बिल्ली" लगाओ,

कभी कोई कार्टून

कभी-कभी गंगाराम"

कभी कृष्णा"! 

वो नहीं

ये भी

वो भी

- समझ नहीं आता,

नींद में बेहाल

रोते-रोते बुरा हाल!

पापा ने ऊपर देखा,

मम्मा ने गाना गाया

- "प्यारी बिटिया सोने चली!"

- और कन्चू सो गई,

सपनों में खो गई!

परियों की रानी

पापा की दिवानी

प्यारी-सी कन्चू

मेरी प्यारी कन्चू!