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राम राज्य
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आश्वासन का मूल्य
ISBN: 81-7220-092-7

आश्वासन का मूल्य 

 

प्रतीक्षारत नयन

देखते हैं

रह-रह कर

घर से बाहर

दूर जा रही वीरान सड़क को

- कोई आएगा धनी

गठरी लेकर धन की,

भर देगा भंडार मेरा

और मेरी हर इच्छा-आकांक्षा

की पूर्ति हो जाएँगी

- रत हो जाएगी

मेरी धमनियाँ और

जमा रक्त मेरी कोशिकाओं में

फिर से दौड़ने लगेगा! 

 

मेरे प्रतीक्षारत नयन

सजग हुए,

मेरे ह्रदय की धड़कन ने

अपनी गति तीव्र की

- कोई आया

- ब्रीफकेस बड़ा-सा हाथ में लिए,

शायद भारी भी

क्योंकि

उसके बोझ से

आगन्तुक का बदन

एक तरफ को झुका था!

- कोई पहचाना चेहरा!

अरे...!

मेरा शुभ चिन्तक

और

मेरे महल की ईंटों का सप्लायर,

शायद ब्रीफकेस ईंटों से भरा ले आया!

 

आगन्तुक ने

हाथ बढ़ाकर

गर्म जोशी से मेरा हाथ

थाम लिया

- मैं समझा

मेरा काम हो गया है!

- भट्ठे से इंटों की निकासी

शुरु हो गई है,

शीघ्र ही महल के पास

ढेर लगा दूँगा -

घबराइये नहीं

ईंट आते ही

महल के लिए

राज-मजदूर भी भेज दूँगा,

अभी आया हूँ

आपको बताने

दिलासा देने  

कि काम होगा,

जरुर होगा...

महल में लगने वाली

हर ईंट मजबूत होगी!

- आप ऐसा कीजिए

मुझे हरे नोटों के

दस बंडल और

दे दीजिए!

- मुझे अपनी पेमन्ट की  

चिन्ता नहीं,

माल आएगा, ले लूँगा

लेकिन

राज-मजदूरों के ठेकेदार को

बाँधना है,

सीमेन्ट वाले को एडवांस देना है,

बजरी-रेत भी लेनी है

इन सबको बांध कर रखना जरुरी है

कहीं इन्होंने लटका दिया

तो

मेरी ईटे यूँ ही पड़ी रह जाएँगी

और आपका महल

नक्शों में पड़ा

फाईलों में दबा रह जाएगा!

 

मैं बेबस

लाचार

अपने झोले में देखता हूँ

- अब नोट नहीं वहाँ

बस, टूटी हुई

नोटों की गड्डियों के क्लिप

रैपर के टुकड़े पड़ें हैं

- कोसता हूँ स्वयं को

अपने भाग्य को,

जब लम्बी हड़ताल के बाद

ईंटों की निकासी का समय आया

तो

मेरा झोला खाली हो गया!

 

- हर किसी के आश्वासन का मूल्य

जो मैंने

अपने महल की नींव

पकड़ने से पहले

चुका दिया!