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राम राज्य
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आश्वासन
ISBN: 81-7220-092-7

आश्वासन

 

आश्वासन देना

कितना सरल है!

दंभ की गर्दन नीची न हो

बस जो भी मिले

कहते जाना -

"नहर आ रही है,

भरपूर फसल होगी

- कितना सरल है!"

 

प्रश्न नहर बनने का नहीं,

प्रश्न किसी के स्वप्न को

साकार करने का नहीं,

प्रश्न है

स्वप्न को साकार देखने का -

आकाश-कुसुम तोड़ लाने का नहीं

आकाश की ऊँचाईयों को

छूने का!

 

लेकिन

प्रश्न का उत्तर

इतना सरल नहीं,

सरल है -

मदिरालय में बैठकर 

मदिरा की चुस्कियाँ लेना

ऊँची किसी कुर्सी

पर बैठकर

बाहर लू में तपते

लोगों को

शीतल-मलय का आश्वासन देना !